एसएनडीपी योगम के महासचिव वेल्लापल्ली नटेसन ने केरल के अलाप्पुझा में रविवार (18 जनवरी, 2026) को कहा कि नायर और एझावा समुदाय के बीच एकता वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन दोनों प्रमुख समुदायों के बीच सहयोग और एकजुटता से समाज में संतुलन और मजबूती आएगी तथा इससे किसी अन्य समुदाय के अधिकारों का हनन नहीं होगा।
वेल्लापल्ली नटेसन ने स्पष्ट किया कि उनका रुख किसी भी समुदाय के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी भी मुस्लिम समुदाय का विरोध नहीं किया, बल्कि उनकी आलोचना केवल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के भीतर मौजूद कथित सांप्रदायिक प्रवृत्तियों तक सीमित रही है। नटेसन ने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी राजनीतिक दल या संगठन की आलोचना करना गलत नहीं है, यदि उसका उद्देश्य समाज में सौहार्द और समानता को बनाए रखना हो।
उन्होंने आगे कहा कि केरल की सामाजिक संरचना में नायर और एझावा समुदाय की ऐतिहासिक भूमिका रही है और दोनों के बीच आपसी समझ तथा सहयोग से राज्य के विकास और सामाजिक समरसता को नई दिशा मिल सकती है। नटेसन के अनुसार, समुदायों के बीच एकता से न केवल राजनीतिक मजबूती आती है, बल्कि सामाजिक न्याय और समान अवसरों की लड़ाई भी अधिक प्रभावी बनती है।
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इस अवसर पर वेल्लापल्ली नटेसन ने विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने सतीशन की राजनीतिक कार्यशैली और बयानों की आलोचना करते हुए कहा कि विपक्ष को केवल विरोध तक सीमित न रहकर रचनात्मक राजनीति करनी चाहिए। नटेसन ने कहा कि समाज को बांटने वाली राजनीति से बचते हुए सभी समुदायों को साथ लेकर चलना ही केरल के भविष्य के लिए बेहतर होगा।
उन्होंने अंत में कहा कि उनकी अपील का उद्देश्य किसी के खिलाफ माहौल बनाना नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और स्थिरता को मजबूत करना है, ताकि सभी समुदाय सम्मान और समानता के साथ आगे बढ़ सकें।
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