उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने 6 फरवरी को पांच वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। सभी अधिकारियों की रैंक DIG है और आदेश शुक्रवार देर शाम जारी किए गए। पोस्टिंग मुख्य रूप से लखनऊ और मुरादाबाद के बीच की गई है, जिसमें भ्रष्टाचार विरोधी और विशेष इकाइयों पर फोकस किया गया है।
अखिलेश कुमार चौरसिया, लखनऊ निवासी और 2009 बैच के आईपीएस अधिकारी, जो पहले लखनऊ के एंटी करप्शन ऑर्गेनाइजेशन में DIG थे, को DGP कार्यालय में DIG (Establishment) के रूप में पदोन्नत किया गया है। बीटेक ग्रेजुएट होने के कारण तकनीकी विशेषज्ञता उनके नए पद में काम आएगी।
महाराष्ट्र के अहमदनगर के 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी सुशील कुमार SSP से DIG, STF बने हैं। यह पदोन्नति संगठित अपराध के खिलाफ विशेष अभियानों को मजबूत करने की सरकार की रणनीति को दर्शाती है।
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सचिंद्र पटेल, जो पहले मेरठ के 44वीं PAC बटालियन में थे, लखनऊ के एंटी करप्शन ऑर्गेनाइजेशन में DIG के पद पर चौरसिया का स्थान लेंगे। इस बदलाव का उद्देश्य भ्रष्टाचार जांच में नई नेतृत्व क्षमता लाना है।
यमुना प्रसाद, 2012 बैच के यूपी निवासी और BA, MA डिग्रीधारी, गौतम बुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट के DCP से मुरादाबाद पुलिस ट्रेनिंग स्कूल में DIG के पद पर स्थानांतरित हुए हैं। उनका फोकस सुरक्षा जरूरतों के बीच अधिकारियों के प्रशिक्षण को बढ़ावा देना है।
सुपरिंटेंडेंट हेमराज मीना, जो पहले पुलिस मुख्यालय में थे, UP स्टेट इंडस्ट्रियल एंड फायरफाइटिंग सर्विस (SIFS) लखनऊ में DIG के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे, जिससे औद्योगिक सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता में सुधार होगा।
इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल से उत्तर प्रदेश में पुलिस विभाग की कार्यक्षमता, विशेष अभियानों और प्रशिक्षण में मजबूती आएगी।
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