उत्तर प्रदेश विधान परिषद (एमएलसी) की 11 सीटों के लिए शुक्रवार को मतदान संपन्न हो गया। इनमें पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इस चुनाव को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है। मतदान के दौरान गोरखपुर में दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस हुई। वहीं, लखनऊ समेत कई शहरों में सपा प्रमुख अखिलेश यादव और अन्य नेताओं को निशाना बनाते हुए पोस्टर लगाए गए।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, दोपहर दो बजे तक 40.87 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सबसे अधिक 59.17 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि वाराणसी में 57.97 प्रतिशत वोट पड़े। इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सबसे कम 26.30 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। लखनऊ में चुनाव के लिए 259 मतदान केंद्र बनाए गए थे, जहां 1.16 लाख से अधिक पंजीकृत मतदाता मतदान के पात्र थे।
गोरखपुर में बीजेपी-सपा कार्यकर्ताओं के बीच बहस
गोरखपुर के डीएवी डिग्री कॉलेज में बीजेपी और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया। यह घटना सपा उम्मीदवार डॉ. संजय त्रिपाठी के सामने हुई।
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उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने उरई स्थित जालौन जिला परिषद कार्यालय के बूथ संख्या 217 पर मतदान किया। उन्होंने दावा किया कि नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ सरकारों के कार्यों के आधार पर बीजेपी सभी 11 सीटें जीतेगी।
लखनऊ समेत कई शहरों में अखिलेश यादव के खिलाफ पोस्टर
मतदान के दौरान लखनऊ, बलिया और सीतापुर में अखिलेश यादव तथा सपा नेताओं को निशाना बनाने वाले पोस्टर और होर्डिंग लगाए गए। कुछ पोस्टरों में अखिलेश यादव को मारे गए गैंगस्टर अतीक अहमद और जेल में बंद नेता आजम खान के साथ दिखाया गया था। कुछ पोस्टरों में उनके परिवार को भी निशाना बनाया गया।
सपा कार्यकर्ताओं ने कुछ होर्डिंग हटाते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी मतदाताओं को प्रभावित करने और तनाव पैदा करने की कोशिश कर रही है। बलिया में पुलिस ने बताया कि पोस्टर लगाने की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली है और मामले की जांच जारी है।
मतदान शाम चार बजे तक चला। चुनाव में ईवीएम के बजाय मतपत्रों का इस्तेमाल किया गया। पांच स्नातक निर्वाचन क्षेत्र लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ और इलाहाबाद-झांसी हैं। छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ, आगरा, वाराणसी, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद शामिल हैं।
मतदान के मद्देनजर कई जिलों में नर्सरी से 12वीं कक्षा तक के स्कूल बंद रहे। कुछ क्षेत्रों में कॉलेज और विश्वविद्यालय भी बंद रखे गए। मतदान केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में प्रतिबंध लागू किए गए थे।
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