केरल में निर्माणाधीन विझिंजम अंतरराष्ट्रीय समुद्री बंदरगाह के विकास में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर जुड़ने जा रहा है। इस बहुप्रतीक्षित बंदरगाह परियोजना के विस्तार का दूसरा चरण आधिकारिक रूप से 24 जनवरी से शुरू होगा। इस चरण में लगभग ₹9,700 करोड़ का निवेश किया जाएगा, जिसे बंदरगाह के रियायतधारी अदानी विझिंजम पोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (AVPPL) द्वारा वहन किया जाएगा।
केरल के बंदरगाह मंत्री वी.एन. वासवन ने बताया कि दूसरे चरण के विकास कार्य वर्ष 2028 तक पूरे किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि विझिंजम बंदरगाह राज्य के आर्थिक विकास, समुद्री व्यापार और रोजगार सृजन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना है।
विझिंजम अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह एक सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर विकसित किया जा रहा है। परियोजना के पहले चरण में लगभग ₹8,867 करोड़ का निवेश किया गया है। इसमें केरल सरकार ने बुनियादी ढांचे के विकास के लिए करीब ₹5,595 करोड़ का योगदान दिया, जो कुल निवेश का लगभग 63% है। वहीं, अदानी पोर्ट्स की ओर से लगभग ₹2,500 करोड़ (करीब 28%) का निवेश किया गया। शेष राशि अन्य मदों में खर्च की गई।
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यह बंदरगाह अपनी प्राकृतिक गहराई, अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों के नजदीक स्थिति और आधुनिक सुविधाओं के कारण भारत के प्रमुख ट्रांसशिपमेंट हब के रूप में उभरने की क्षमता रखता है। इसके चालू होने से न केवल केरल बल्कि पूरे देश को लाभ होने की उम्मीद है, क्योंकि इससे विदेशी बंदरगाहों पर निर्भरता कम होगी और लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी।
दूसरे चरण में कंटेनर हैंडलिंग क्षमता बढ़ाने, अतिरिक्त बर्थ, यार्ड सुविधाएं और सहायक अवसंरचना विकसित की जाएगी। सरकार और परियोजना प्रबंधन का मानना है कि यह चरण विझिंजम को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बंदरगाह बनाने की दिशा में निर्णायक साबित होगा।
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