पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में हुए रिकॉर्ड उच्च मतदान और शांतिपूर्ण तरीके से मतदान संपन्न होने की सुप्रीम कोर्ट ने सराहना की।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। गुरुवार को हुए पहले चरण में 152 विधानसभा क्षेत्रों में 92.88 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जिसे अदालत ने लोकतंत्र की मजबूती के लिए एक सकारात्मक संकेत बताया।
सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि एक भारतीय नागरिक के रूप में उन्हें इस उच्च मतदान प्रतिशत को देखकर अत्यंत प्रसन्नता हुई है। उन्होंने कहा कि जब लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं, तो इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था और अधिक मजबूत होती है तथा जनता का विश्वास बढ़ता है।
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न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ भी इस मामले की सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सहित कई याचिकाओं पर विचार किया गया, जो मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण से संबंधित थीं।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी शांतिपूर्ण मतदान और उच्च मतदान प्रतिशत की सराहना की। उन्होंने राज्य में चुनावी प्रक्रिया को बिना किसी हिंसा के संपन्न कराने में केंद्रीय बलों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि जिन नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं, वे 19 अपीलीय ट्रिब्यूनलों में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। अदालत ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों की प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई की जानी चाहिए, विशेषकर उन मामलों में जहां तत्काल राहत की आवश्यकता है।
अब तक ट्रिब्यूनलों में 139 अपीलों का निपटारा किया जा चुका है, जबकि लगभग 27 लाख मामले अभी लंबित हैं। अदालत ने संकेत दिया कि भविष्य में मतदाता सूची में बने रहने के अधिकार के व्यापक पहलुओं पर भी विचार किया जाएगा।
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