उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया। उन्होंने 69,794 स्मार्टफोन वितरित किए, साथ ही 1,33,282 स्टेडियोमीटर, 10,553 इंफैंटोमीटर और 58,237 वजन मशीनें भी दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारना और रियल-टाइम डेटा संग्रह को मजबूत बनाना है। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों से यह प्रयास किया जा रहा था कि हर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पास स्मार्टफोन हो, ताकि उनके काम का डेटा समय पर अपलोड हो सके और योजनाओं की निगरानी बेहतर हो सके।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका लगातार बढ़ रही है और सरकार उन्हें आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि अब आंगनवाड़ी केंद्र धीरे-धीरे डिजिटल सेवा केंद्र के रूप में विकसित हो रहे हैं, जिससे कामकाज में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी।
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पूर्व सरकारों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि 2017 से पहले पोषण सामग्री वितरण के ठेके शराब माफिया को दिए जाते थे, जिससे गुणवत्ता और वितरण दोनों प्रभावित होते थे। उन्होंने कहा कि अब चयन प्रक्रिया पारदर्शी और ईमानदार तरीके से की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय को सम्मानजनक बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा, आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए एक नई कॉर्पोरेशन अप्रैल से शुरू की जाएगी, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और कर्मचारियों को सीधे उचित भुगतान मिलेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार बच्चों के पोषण और कार्यकर्ताओं के सम्मान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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