कलकत्ता विश्वविद्यालय ने टीएमसी छात्र संगठन की स्थापना दिवस के दिन अपनी निर्धारित परीक्षाएँ आयोजित की, भले ही परीक्षा स्थगित करने के लिए विभिन्न दबाव मौजूद थे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक कार्यक्रमों में किसी भी प्रकार की देरी नहीं की जाएगी और समय पर परीक्षाओं का आयोजन प्राथमिकता है।
विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले 150 से अधिक कॉलेजों के लगभग 30,000 छात्रों ने इन परीक्षाओं में भाग लिया। छात्रों ने इस दिन परीक्षा में बैठकर अपनी पढ़ाई और करियर को महत्व देने का संदेश दिया। कई छात्रों और अभिभावकों ने इस निर्णय को सराहा, क्योंकि लंबे समय से परीक्षा स्थगित होने के कारण शैक्षणिक कैलेंडर पर असर पड़ सकता था।
टीएमसी छात्र संगठन के स्थापना दिवस पर परीक्षा आयोजित करने के फैसले को लेकर राजनीति और विरोध की कुछ खबरें भी आईं। कुछ छात्र और राजनीतिक समूह विश्वविद्यालय से अपील कर रहे थे कि परीक्षा को स्थगित किया जाए ताकि छात्र संगठन के कार्यक्रमों में भाग ले सकें। लेकिन विश्वविद्यालय ने कहा कि शिक्षा और परीक्षा का महत्व किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम से ऊपर है।
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विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने यह भी कहा कि परीक्षा केंद्रों में सभी आवश्यक सुरक्षा और सुविधा इंतजाम किए गए हैं। छात्रों की सुविधा और सुरक्षित परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त कर्मचारियों और प्रबंधकों की तैनाती की गई।
इस कदम को विश्वविद्यालय ने अपने शैक्षणिक जिम्मेदारियों के प्रति प्रतिबद्धता के रूप में प्रस्तुत किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे समय पर भी परीक्षा आयोजित करना छात्रों की पढ़ाई और करियर के लिए जरूरी है, और यह विश्वविद्यालय की शिक्षा नीति और प्रशासनिक क्षमता को दर्शाता है।
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