दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी के सरकारी स्कूलों में स्वास्थ्य, स्वच्छता, सैनिटेशन और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए कई बड़े कदम उठाने की घोषणा की है। सरकार ने कहा कि छात्रों, विशेष रूप से छात्राओं, को बेहतर और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत स्कूलों में स्वच्छता सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा और मासिक धर्म स्वास्थ्य से जुड़ी जागरूकता एवं सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
सरकार के अनुसार, स्कूल परिसरों में साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण किए जाएंगे। छात्राओं के लिए स्वच्छ और सुरक्षित शौचालय, सैनिटरी नैपकिन की उपलब्धता और मासिक धर्म स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा कई स्कूलों में पीने के साफ पानी, बेहतर बैठने की व्यवस्था, खेल सुविधाओं और भवनों की मरम्मत जैसे कार्य भी किए जाएंगे।
दिल्ली सरकार ने यह भी बताया कि स्कूलों में शिकायतों और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जल्द ही एक टोल-फ्री हेल्पलाइन शुरू की जाएगी। इस हेल्पलाइन के माध्यम से छात्र, अभिभावक और शिक्षक स्कूलों में स्वच्छता, सुरक्षा, पानी, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें सीधे दर्ज करा सकेंगे। सरकार का कहना है कि शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।
और पढ़ें: यमुना पुनर्जीवन को बड़ी रफ्तार, दिल्ली सरकार ने 1000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को दी मंजूरी
अधिकारियों के मुताबिक, यह पहल छात्रों के समग्र विकास और बेहतर शिक्षण माहौल तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का उद्देश्य है कि स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और स्वास्थ्य अनुकूल वातावरण मिले ताकि उनकी पढ़ाई और मानसिक विकास पर सकारात्मक प्रभाव पड़े।
दिल्ली सरकार ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और समावेशी बनाने के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं। आने वाले समय में स्कूलों के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने के साथ-साथ डिजिटल सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जाएगा। सरकार ने भरोसा जताया कि इन पहलों से छात्रों और अभिभावकों का सरकारी स्कूलों पर विश्वास और मजबूत होगा।
और पढ़ें: दिल्ली आफ्टरकेयर योजना लॉन्च: आर्थिक मदद और रोजगार सहायता देगी रेखा गुप्ता सरकार