मणिपुर के सेनापति जिले में नगा सशस्त्र समूहों द्वारा बंधक बनाए गए 14 कुकी नागरिकों को मंगलवार, 9 जून 2026 को रिहा कर दिया गया। यह रिहाई चर्च संगठनों और विभिन्न नागरिक समाज समूहों के हस्तक्षेप के बाद संभव हो सकी। अधिकारियों के अनुसार, सभी 14 कुकी नागरिक सुरक्षित अपने घरों तक पहुँच चुके हैं, जो तफौ (ताप्हौ) गाँव, सेनापति जिले में स्थित है।
मणिपुर के पुलिस महानिदेशक मुकेश सिंह ने बताया कि रिहा किए गए सभी लोग सुरक्षित हैं और उन्हें स्थानीय प्रशासन की निगरानी में उनके घर भेजा गया। यह घटना लगभग एक महीने पहले शुरू हुई थी, जब इन कुकी नागरिकों को नगा सशस्त्र समूहों ने बंधक बना लिया था, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया था।
संयुक्त नगा परिषद (United Naga Council) के अध्यक्ष एन. जी. लोरहो (एन. जी. लोरहो) ने कहा कि इन “बंधकों” को इसलिए रिहा किया गया क्योंकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो के माध्यम से यह आश्वासन दिया गया था कि सरकार लापता छह नागा व्यक्तियों की स्थिति का पता लगाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।
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इस रिहाई को क्षेत्र में शांति बहाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। लंबे समय से मणिपुर के विभिन्न समुदायों के बीच जातीय तनाव और हिंसा की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिसमें कुकी और नगा समुदायों के बीच विवाद भी शामिल है।
स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियाँ अब क्षेत्र में शांति बनाए रखने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी बढ़ा रही हैं। नागरिक समाज संगठनों ने भी दोनों समुदायों से संवाद और शांति बनाए रखने की अपील की है।
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