भारत निर्वाचन आयोग (ECI) इस महीने के अंत में राज्य चुनाव आयुक्तों (SECs) की राष्ट्रीय कांफ्रेंस आयोजित करेगा। यह आयोजन चुनावी प्रक्रियाओं और लॉजिस्टिक के संबंध में केंद्रीय और राज्य चुनाव निकायों के बीच तालमेल बढ़ाने का लक्ष्य रखता है। इस सम्मेलन के माध्यम से दोनों स्तरों के चुनाव आयोगों के कामकाज को उनके संवैधानिक और कानूनी ढांचे के भीतर बेहतर ढंग से समन्वित किया जाएगा।
राज्य निर्वाचन आयोग संबंधित राज्यों द्वारा 73वें और 74वें संविधान संशोधनों के तहत बनाए जाते हैं। प्रत्येक राज्य आयोग पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों के सभी चुनावों के लिए मतदाता सूची तैयार करने और चुनाव कराने की निगरानी, निर्देशन और नियंत्रण का काम करता है। यह कानूनी रूप से सुनिश्चित करता है कि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और सुचारू रूप से संचालित हो।
सूत्रों के अनुसार, यह राष्ट्रीय सम्मेलन पिछले 25 वर्षों में इस तरह का पहला आयोजन होगा। इसमें राज्य और केंद्रीय निर्वाचन आयोग के अधिकारी भाग लेंगे, ताकि चुनावी तैयारियों, तकनीकी सुधारों और प्रशासनिक चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया जा सके। सम्मेलन के दौरान अनुभव साझा करना, नई चुनावी तकनीकों और रणनीतियों पर चर्चा करना और आगामी चुनावों के लिए एक रूपरेखा तैयार करना प्रमुख एजेंडा होगा।
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ECI का उद्देश्य इस सम्मेलन के माध्यम से चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता, दक्षता और सुसंगतता सुनिश्चित करना है। इससे राज्यों में चुनाव संचालन में सुधार होगा और मतदाता अधिकारों की रक्षा भी सुनिश्चित होगी।
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