पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम (PCMC) चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। महा विकास अघाड़ी और महायुति से जुड़े दलों के बीच गठबंधन को लेकर सहमति नहीं बन पाने के कारण इस बार चुनावी मुकाबला और भी रोचक हो गया है। ताजा स्थिति के अनुसार, नगर निगम की 44 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के उम्मीदवारों के बीच सीधी टक्कर देखने को मिलेगी। इससे स्पष्ट है कि दोनों प्रमुख दल नगर निगम की सत्ता पर कब्जा जमाने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं।
PCMC में कुल 32 प्रभाग (प्रभाग/प्रभाग़) हैं, जिनसे 128 नगरसेवकों का चुनाव किया जाएगा। प्रत्येक प्रभाग से चार-चार नगरसेवक चुने जाते हैं। राजनीतिक दल हर प्रभाग में चार उम्मीदवारों का एक पैनल उतारते हैं। यह पैनल विभिन्न आरक्षित श्रेणियों का प्रतिनिधित्व करता है, जिनमें सामान्य वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) शामिल हैं।
इस बार गठबंधन न बनने से कई प्रभागों में मुकाबला दो प्रमुख दलों के बीच सीमित हो गया है, जिससे चुनावी संघर्ष काफी कड़ा होने की संभावना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सीधे मुकाबले से मतों का बंटवारा कम होगा और परिणाम काफी हद तक स्थानीय मुद्दों, उम्मीदवारों की छवि और संगठनात्मक मजबूती पर निर्भर करेंगे।
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BJP और NCP दोनों ही दल पिंपरी-चिंचवड़ जैसे औद्योगिक और शहरी क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए जोर लगा रहे हैं। नगर निगम पर नियंत्रण न केवल स्थानीय विकास योजनाओं के लिए अहम माना जाता है, बल्कि यह आगामी राज्य और लोकसभा चुनावों से पहले राजनीतिक बढ़त दिलाने वाला भी हो सकता है।
चुनाव नजदीक आते ही प्रचार तेज होने की उम्मीद है और 44 सीटों पर होने वाली सीधी टक्कर PCMC चुनावों का सबसे अहम पहलू बनकर उभर रही है।
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