भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार, 5 फरवरी 2026 को कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के फैसले से पहले निवेशकों में सतर्कता देखी जा रही है, जिसका असर बाजार पर साफ दिखाई दिया।
शुरुआती कारोबार में बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 64.61 अंक गिरकर 83,249.32 पर खुला, जबकि निफ्टी 50 सूचकांक 37 अंक फिसलकर 25,605.80 पर पहुंच गया। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 83,313.93 और निफ्टी 25,642.80 पर बंद हुआ था।
बाजार की चौड़ाई भी नकारात्मक रही। एनएसई पर शुरुआती कारोबार में 1,578 शेयरों में बढ़त देखी गई, जबकि 817 शेयरों में गिरावट रही और 81 शेयर बिना बदलाव के रहे।
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कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान के अनुसार, इंट्राडे मार्केट मोमेंटम फिलहाल कमजोर बना हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि निफ्टी 25,600 और सेंसेक्स 83,200 के सपोर्ट स्तर से नीचे फिसलते हैं, तो बाजार में और गिरावट आ सकती है और सूचकांक क्रमशः 25,500-25,350 और 83,000-82,500 के स्तर तक जा सकते हैं। वहीं, अगर 25,800 और 83,800 का प्रतिरोध स्तर पार होता है, तो बाजार में तेजी लौट सकती है।
गिफ्ट निफ्टी, जो निफ्टी 50 के लिए शुरुआती संकेत देता है, 81 अंक गिरकर 25,620 पर खुला, जबकि पिछला बंद 25,701 पर था। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 4 फरवरी को 2,150.51 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 1,129.82 करोड़ रुपये की खरीदारी की।
एशियाई बाजारों में भी मिश्रित रुख देखने को मिला। जापान का निक्केई 225 मामूली बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग और दक्षिण कोरिया का कोस्पी गिरावट में रहे। चीन का शंघाई कंपोजिट हल्की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा।
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