दिल्ली पुलिस ने दक्षिण-पश्चिम जिले में अवैध रूप से रह रहे दो अफ्रीकी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने रविवार (4 जनवरी, 2026) को जानकारी देते हुए बताया कि पकड़े गए दोनों आरोपी नाइजीरिया के निवासी हैं और उनके पास भारत में रहने के लिए कोई वैध वीज़ा दस्तावेज़ नहीं था। आरोपियों की पहचान मिरासेले ओन्येका और मोसेस चिनोसो के रूप में हुई है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस की ऑपरेशंस सेल द्वारा अवैध विदेशी नागरिकों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। पुलिस टीमों को निर्देश दिए गए थे कि वे खुफिया जानकारी जुटाएं और बिना वैध दस्तावेज़ों के देश में रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।
नववर्ष के अवसर पर रात्रि गश्त के दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि दक्षिण-पश्चिम जिले में कुछ अवैध अफ्रीकी नागरिकों की आवाजाही हो रही है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दो संदिग्ध व्यक्तियों को रोका। पूछताछ में उनकी पहचान मिरासेले ओन्येका और मोसेस चिनोसो के रूप में हुई।
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प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने दावा किया कि वे पर्यटक या व्यापार वीज़ा पर भारत आए थे और उनके वीज़ा दस्तावेज़ सुरक्षित रखने के लिए दूतावास में जमा हैं। हालांकि, इमिग्रेशन विभाग और अन्य आधिकारिक एजेंसियों से की गई विस्तृत जांच में यह सामने आया कि दोनों ने भारत में तय अवधि से अधिक समय तक निवास किया और उनके पास कोई वैध वीज़ा नहीं है।
लगातार पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अवैध रूप से भारत में रहने की बात स्वीकार की। उन्होंने बताया कि वे दिल्ली के शाहपुरा, गुरुग्राम और नोएडा क्षेत्रों में अन्य अफ्रीकी नागरिकों के साथ हाउसकीपिंग का काम कर रहे थे। वे किशनगढ़ गांव में रह रहे थे और नववर्ष मनाने के लिए हौज खास गांव जा रहे थे, तभी उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने उनके मोबाइल फोन और छिपे फोल्डरों की तलाशी के दौरान नाइजीरियाई पासपोर्ट और राष्ट्रीय पहचान पत्रों की प्रतियां बरामद कीं। सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद, आरके पुरम स्थित विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) के माध्यम से उनके निर्वासन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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