बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए भारत में अपने प्रमुख कूटनीतिक मिशनों में वीज़ा सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित करने का निर्णय लिया है। गुरुवार (8 जनवरी, 2026) को यह जानकारी देते हुए विदेश मामलों के सलाहकार एम. तौहीद हुसैन ने कहा कि नई दिल्ली सहित भारत में स्थित बांग्लादेश के तीन मिशनों को फिलहाल वीज़ा अनुभाग बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
हुसैन ने अपने कार्यालय में आयोजित The Indian Witness को बताया, “मैंने भारत में हमारे तीन मिशनों से कहा है कि वे कुछ समय के लिए अपने वीज़ा सेक्शन बंद रखें। यह पूरी तरह सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है।” उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब कोलकाता स्थित बांग्लादेश के उप उच्चायोग ने भी रातोंरात वीज़ा सेवाओं को सीमित कर दिया। इससे पहले नई दिल्ली और अगरतला में भी इसी तरह के कदम उठाए गए थे। हालांकि, व्यापारिक और कार्य वीज़ा को इन प्रतिबंधों से बाहर रखा गया है।
बांग्लादेश के मुंबई और चेन्नई में भी कूटनीतिक मिशन मौजूद हैं, जहां वीज़ा सेवाएं अभी भी सामान्य रूप से जारी हैं। उल्लेखनीय है कि भारत ने 5 अगस्त 2024 के बाद सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बांग्लादेशी नागरिकों के लिए वीज़ा नियमों में सख्ती की थी।
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जुलाई–अगस्त 2024 में हुए हिंसक छात्र-नेतृत्व वाले आंदोलनों के बाद प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग सरकार के सत्ता से हटने के बाद से भारत और बांग्लादेश के संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं।
इस बीच हुसैन ने यह भी बताया कि बांग्लादेश अमेरिका द्वारा हाल ही में लागू किए गए वीज़ा बॉन्ड प्रावधान से छूट पाने के लिए कूटनीतिक प्रयास करेगा। उन्होंने इस फैसले को “दुर्भाग्यपूर्ण और हमारे लिए पीड़ादायक” बताया, हालांकि यह भी कहा कि यह निर्णय केवल बांग्लादेश पर लागू नहीं हुआ है और कई अन्य देश भी अमेरिकी आव्रजन नीतियों के प्रभाव में आए हैं।
पाकिस्तान से जेएफ-17 थंडर लड़ाकू विमान खरीदने में बांग्लादेश की संभावित रुचि पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि बातचीत जारी है और अंतिम निर्णय के बाद जानकारी दी जाएगी।
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