ईरान में सरकार द्वारा लगाया गया राष्ट्रीय इंटरनेट शटडाउन तीन दिन से अधिक समय तक जारी है। इंटरनेट निगरानी संस्था नेटब्लॉक्स (NetBlocks) ने सोमवार को बताया कि देशभर में इंटरनेट सेवा ठप हुए अब 84 घंटे से ज्यादा का समय बीत चुका है। यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है, जब मानवाधिकार कार्यकर्ता आशंका जता रहे हैं कि यह ब्लैकआउट कथित सरकारी कार्रवाई को छिपाने के लिए किया गया है, जिसमें सैकड़ों लोगों की जान जाने की बात कही जा रही है।
नेटब्लॉक्स ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, “जब ईरान एक नए दिन की शुरुआत कर रहा है, तब उपलब्ध आंकड़े दिखाते हैं कि राष्ट्रीय स्तर पर इंटरनेट ब्लैकआउट 84 घंटे के पार पहुंच चुका है।” संस्था ने यह भी बताया कि इस तरह की पाबंदी के बावजूद कुछ वैकल्पिक तरीकों से सीमित संचार संभव है। इनमें शॉर्टवेव रेडियो, सीमावर्ती इलाकों में मोबाइल नेटवर्क से जुड़ना, स्टारलिंक सेवा और सैटेलाइट फोन शामिल हैं।
इंटरनेट बंदी के चलते आम नागरिकों के साथ-साथ पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के लिए भी हालात की जानकारी जुटाना बेहद मुश्किल हो गया है। मानवाधिकार समूहों का कहना है कि संचार सेवाओं पर रोक का उद्देश्य देश के भीतर चल रही कथित सख्त कार्रवाई की सूचनाओं को बाहर आने से रोकना है।
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विशेषज्ञों के अनुसार, इंटरनेट शटडाउन न केवल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को प्रभावित करता है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं, व्यापार, शिक्षा और आपातकालीन संचार पर भी गंभीर असर डालता है। लंबे समय तक इंटरनेट बंद रहने से ईरान की अर्थव्यवस्था और आम जनजीवन पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
नेटब्लॉक्स जैसी संस्थाएं लगातार वैश्विक समुदाय से अपील कर रही हैं कि वे इस तरह के डिजिटल दमन पर ध्यान दें और ईरान में इंटरनेट सेवाओं की बहाली के लिए दबाव बनाएं। फिलहाल, ईरानी अधिकारियों की ओर से इंटरनेट बंदी को लेकर कोई आधिकारिक समय-सीमा या विस्तृत बयान सामने नहीं आया है।
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