अमेरिका और ईरान के बीच पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के लिए 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और सेकंड लेडी उषा वेंस स्विट्जरलैंड रवाना हो गए हैं। दोनों देशों के बीच तकनीकी स्तर की महत्वपूर्ण वार्ता स्विट्जरलैंड के लूसर्न के निकट आयोजित की जाएगी, जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सुरक्षा प्रमुख मुद्दे होंगे।
रवाना होने से पहले जेडी वेंस ने कहा कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल पहले ही स्विट्जरलैंड पहुंच चुका है और वार्ता कई दिनों तक चल सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष परमाणु मुद्दे और लेबनान में युद्धविराम को मजबूत करने की दिशा में प्रगति करेंगे।
यह वार्ता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के बीच हुए हालिया एमओयू के बाद हो रही है। इस समझौते का उद्देश्य पश्चिम एशिया में शांति बहाल करना, होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलना और व्यापक कूटनीतिक वार्ताओं के लिए आधार तैयार करना है।
और पढ़ें: अमेरिका-ईरान के बीच डिजिटल शांति समझौता, मध्य पूर्व युद्ध समाप्ति और होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने का रास्ता साफ
जेडी वेंस ने लेबनान की स्थिति पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि हालात पहले की तुलना में बेहतर हो रहे हैं और हिंसा में कुछ कमी आई है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और उनकी टीम क्षेत्रीय हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
वेंस ने कहा कि इज़राइल और लेबनान दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अमेरिका की प्राथमिकता है। उनका मानना है कि लगातार होने वाली जवाबी सैन्य कार्रवाइयों को रोकना ही स्थायी युद्धविराम और क्षेत्रीय शांति की कुंजी है।
इस बीच, ईरान की वार्ता टीम, जिसका नेतृत्व संसद अध्यक्ष और मुख्य वार्ताकार एम. बी. ग़ालिबाफ कर रहे हैं, ज्यूरिख पहुंच चुके हैं। वहीं अमेरिकी प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ और जैरेड कुशनर भी वार्ता में भाग लेने के लिए स्विट्जरलैंड पहुंच गए हैं। कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी भी मध्यस्थता प्रयासों में शामिल हैं।
और पढ़ें: अमेरिका-ईरान शांति समझौता तय, 19 जून को होगा हस्ताक्षर; होर्मुज जलडमरूमध्य से हटेगी नाकेबंदी: ट्रंप