चार्टर्ड अकाउंटेंट सतिंदर सिंह कोहली से जुड़ा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। श्री गुरु ग्रंथ साहिब की 328 लापता ‘बीरों’ (प्रतियों) के मामले में उनकी हालिया गिरफ्तारी के बाद अब एक बार फिर शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता सुखबीर सिंह बादल से उनके कथित संबंधों पर सवाल उठने लगे हैं। इस बार मामला कनाडा में गुरबाणी प्रसारण अधिकारों से जुड़ा हुआ है।
सतिंदर सिंह कोहली, जो सुखबीर सिंह बादल के करीबी माने जाते हैं, को पिछले सप्ताह श्री गुरु ग्रंथ साहिब की 328 लापता बीरों के मामले में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने कनाडा में पीटीसी पंजाबी चैनल को गुरबाणी प्रसारित करने की अनुमति कैसे दी, जबकि आरोप है कि इस प्रसारण से जुड़ी कंपनी का संबंध कोहली से था।
आलोचकों का कहना है कि गुरबाणी जैसे पवित्र धार्मिक पाठ के प्रसारण के अधिकार देते समय पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी थी। ऐसे में यह मामला और भी संवेदनशील हो जाता है, क्योंकि कोहली का नाम पहले से ही सिख समुदाय के लिए अत्यंत गंभीर माने जाने वाले ‘लापता बीर’ प्रकरण में सामने आ चुका है।
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सूत्रों के मुताबिक, कनाडा में पीटीसी पंजाबी के जरिए गुरबाणी प्रसारण को लेकर SGPC के फैसलों पर अब नई जांच की मांग उठ रही है। विपक्षी दल और सिख संगठनों का आरोप है कि राजनीतिक प्रभाव और निजी संबंधों के चलते नियमों की अनदेखी की गई।
सतिंदर सिंह कोहली की गिरफ्तारी ने न सिर्फ धार्मिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि शिरोमणि अकाली दल के नेतृत्व, खासकर सुखबीर सिंह बादल, की भूमिका को भी फिर से जांच के दायरे में ला दिया है। आने वाले दिनों में यह मामला पंजाब की राजनीति और सिख धार्मिक संस्थाओं दोनों के लिए और अधिक विवाद खड़ा कर सकता है।
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