एयर इंडिया ने अपने वाइडबॉडी बोइंग विमानों के रखरखाव और इंजीनियरिंग कार्यों को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। एयरलाइन ने पारंपरिक कागजी रिकॉर्ड की जगह इलेक्ट्रॉनिक टेक्निकल लॉगबुक (Electronic Technical Logbook) प्रणाली लागू कर दी है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए विमान रखरखाव से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को अधिक तेज, सटीक और सुरक्षित बनाया जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत विमान की तकनीकी जानकारी, रखरखाव का रिकॉर्ड, इंजीनियरिंग निरीक्षण और मरम्मत से संबंधित सभी विवरण डिजिटल रूप में सुरक्षित रखे जाएंगे। इससे कागजी दस्तावेजों पर निर्भरता कम होगी और जानकारी तक तुरंत पहुंच संभव हो सकेगी।
एयर इंडिया के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक टेक्निकल लॉगबुक के इस्तेमाल से विमान रखरखाव की गुणवत्ता में सुधार होगा। साथ ही इंजीनियरों और तकनीकी कर्मचारियों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान अधिक प्रभावी और पारदर्शी तरीके से हो सकेगा। इससे तकनीकी त्रुटियों की संभावना भी कम होगी।
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डिजिटल प्रणाली के जरिए विमान की स्थिति की वास्तविक समय (रियल-टाइम) में निगरानी की जा सकेगी। किसी भी तकनीकी समस्या का रिकॉर्ड तुरंत दर्ज होगा और उसके समाधान की प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ाई जा सकेगी। इससे विमानों के संचालन में दक्षता बढ़ने के साथ-साथ यात्रियों की सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी।
एयरलाइन का मानना है कि यह पहल वैश्विक विमानन उद्योग में अपनाए जा रहे आधुनिक डिजिटल मानकों के अनुरूप है। इससे रखरखाव कार्यों की योजना बेहतर तरीके से बनाई जा सकेगी और विमान लंबे समय तक सेवा से बाहर रहने की स्थिति भी कम होगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, विमानन क्षेत्र में डिजिटल तकनीकों का बढ़ता उपयोग परिचालन लागत कम करने, सुरक्षा मानकों को मजबूत करने और उड़ानों की समयबद्धता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। एयर इंडिया की यह पहल भारतीय विमानन क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
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