भारतीय सेना में पिछले दो दशकों से जिस बड़े सैन्य सुधार 'थिएटर कमांड' की चर्चा चल रही थी, वह अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। माना जा रहा है कि यह बदलाव भारत की सैन्य क्षमता में अब तक के सबसे बड़े सुधारों में से एक साबित हो सकता है।
नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि जल्द ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के सामने थिएटर कमांड का अंतिम खाका पेश कर सकते हैं। संभावना है कि यह महत्वपूर्ण प्रस्तुति जुलाई के अंत में कारगिल विजय दिवस के बाद दी जाएगी।
थिएटर कमांड क्या है?
सरल भाषा में समझें तो अभी भारत की थल सेना, वायु सेना और नौसेना अलग-अलग कमांड व्यवस्था के तहत काम करती हैं। वर्तमान में तीनों सेनाओं की कुल 17 कमांड हैं। युद्ध जैसी स्थिति में अलग-अलग सेनाओं को अपने-अपने कमांड स्तर से निर्देश लेने पड़ते हैं, जिससे समन्वय और निर्णय प्रक्रिया में समय लग सकता है।
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थिएटर कमांड व्यवस्था लागू होने के बाद तीनों सेनाओं को एकीकृत किया जाएगा। एक निश्चित भौगोलिक क्षेत्र में सेना, वायुसेना और नौसेना एक ही कमांडर के नेतृत्व में काम करेंगी। इसे ही 'वन बॉर्डर, वन कमांड' की रणनीति कहा जा रहा है।
थिएटर कमांड के फायदे
इस व्यवस्था से युद्ध के दौरान प्रतिक्रिया समय कम होगा और तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा। किसी भी दुश्मन की कार्रवाई का जवाब अधिक तेजी और प्रभावी तरीके से दिया जा सकेगा।
उदाहरण के तौर पर, अगर चीन सीमा पर कोई स्थिति बनती है तो प्रस्तावित नॉर्दन थिएटर कमांड एक ही आदेश के तहत थल सेना, वायु सेना और नौसेना की क्षमताओं का इस्तेमाल कर सकेगी।
कारगिल युद्ध के बाद शुरू हुआ सुधार
थिएटर कमांड की जरूरत 1999 के कारगिल युद्ध के बाद महसूस की गई। कारगिल समीक्षा समिति ने तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल और संयुक्त कमांड की आवश्यकता बताई थी। इसके बाद वर्ष 2001 में अंडमान और निकोबार कमांड भारत की पहली ट्राई-सर्विस कमांड बनी।
जब 1 जनवरी 2020 को जनरल बिपिन रावत देश के पहले सीडीएस बने, तो उन्हें तीनों सेनाओं को एकीकृत करने और थिएटर कमांड बनाने की जिम्मेदारी दी गई। हालांकि, उनके निधन के बाद यह प्रक्रिया धीमी हुई। अब सीडीएस जनरल एनएस राजा सुब्रमणि इस योजना को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
भारत में बन सकती हैं तीन थिएटर कमांड
- वेस्टर्न थिएटर कमांड: पाकिस्तान सीमा पर केंद्रित।
- नॉर्दन थिएटर कमांड: चीन सीमा पर केंद्रित।
- मैरीटाइम थिएटर कमांड: हिंद महासागर और समुद्री सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेगी।
किन देशों में है यह व्यवस्था?
दुनिया के कई शक्तिशाली देश पहले से थिएटर कमांड प्रणाली का इस्तेमाल कर रहे हैं। अमेरिका के पास कई जियोग्राफिकल कमांड हैं, जो वैश्विक स्तर पर सैन्य संचालन संभालते हैं। वहीं चीन ने 2016 में अपनी सेना का पुनर्गठन कर पांच थिएटर कमांड बनाए थे। रूस और ब्रिटेन भी इसी तरह की व्यवस्थाओं का उपयोग करते हैं।
भारत का यह सैन्य सुधार भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। थिएटर कमांड के लागू होने से तीनों सेनाएं अलग-अलग ताकतों की बजाय एक संयुक्त शक्ति के रूप में काम करेंगी।
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