केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा है कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) भारतीय जनता पार्टी के घोषणापत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है और सरकार पश्चिम बंगाल के लोगों से किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में काम कर रही है।
अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि यूसीसी को लेकर सरकार पहले भी अपनी प्रतिबद्धता जाहिर कर चुकी है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा भाजपा के घोषणापत्र में शामिल था और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान भी पार्टी ने राज्य के लोगों से इसे लागू करने का वादा किया था।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, "यूसीसी हमारे घोषणापत्र का हिस्सा रहा है। गोवा और उत्तराखंड में पहले से ही समान नागरिक संहिता लागू है, जबकि कुछ अन्य राज्य भी इस दिशा में पहल कर रहे हैं। बंगाल चुनाव में भी हमने जनता से इसका वादा किया था। वर्तमान सरकार अपने वादों को पूरा करने के लिए काम कर रही है।"
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उन्होंने कहा कि देश में समान नागरिक संहिता को लेकर अलग-अलग राज्यों में प्रयास किए जा रहे हैं। गोवा में लंबे समय से समान नागरिक कानून की व्यवस्था है, जबकि उत्तराखंड हाल के वर्षों में यूसीसी लागू करने वाला पहला राज्य बना है।
यूसीसी का उद्देश्य देश के सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और अन्य व्यक्तिगत मामलों में समान कानून लागू करना है। हालांकि, इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर लंबे समय से बहस जारी है।
भाजपा लगातार यूसीसी को अपने प्रमुख चुनावी वादों में शामिल करती रही है, जबकि विपक्षी दलों का कहना है कि इसे लागू करने से पहले व्यापक चर्चा और सभी समुदायों की सहमति जरूरी है।
अर्जुन राम मेघवाल का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार की ओर से किए गए चुनावी वादों और राज्य की नीतियों को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज है। उन्होंने दोहराया कि केंद्र और राज्य स्तर पर सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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