झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं से जुड़े कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों का समर्थन किया है। उन्होंने राज्य सरकार से पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच कराने का आदेश देने की मांग की है।
मरांडी ने कहा कि झारखंड की राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र पिछले 15 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित तौर पर नौकरियां बेचे जाने के आरोपों की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
मरांडी ने आरोप लगाया कि छात्रों की मांगों पर सरकार अब तक गंभीरता से कार्रवाई करने के बजाय मामले को टालती रही है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से आंदोलन कर रहे छात्रों को जवाब देने और उनकी शिकायतों का समाधान करने के बजाय सरकार की ओर से केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं।
और पढ़ें: छात्रों का प्रदर्शन 12वें दिन पहुंचा, हेमंत सोरेन बोले- सरकार के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं
भाजपा नेता ने कहा कि सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बेहद जरूरी है। बड़ी संख्या में युवा इन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं और अपने भविष्य को लेकर इन परीक्षाओं पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
मरांडी ने सरकार से छात्रों की मांगों पर तत्काल ध्यान देने और सीबीआई जांच शुरू कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच से आरोपों की सच्चाई सामने आ सकती है और यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़ा यह विवाद झारखंड में छात्रों और बेरोजगार युवाओं के बीच लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। आंदोलन के बीच मरांडी के समर्थन से सरकार पर मामले को लेकर कार्रवाई करने का दबाव बढ़ सकता है।
और पढ़ें: झारखंड में पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष एल. खियांगते गिरफ्तार, छात्र आंदोलन के बीच बढ़ी हलचल