केंद्र सरकार ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लेते हुए कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन के कार्यकाल में एक-एक साल का विस्तार कर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने दोनों अधिकारियों के सेवा विस्तार को मंजूरी दी।
कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार, टी.वी. सोमनाथन का कैबिनेट सचिव के रूप में कार्यकाल 30 अगस्त 2026 के बाद एक वर्ष के लिए बढ़ाया गया है। अब वह 30 अगस्त 2027 तक इस पद पर बने रहेंगे।
कौन हैं टी.वी. सोमनाथन?
टी.वी. सोमनाथन 1987 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी हैं और वह तमिलनाडु कैडर से आते हैं। उन्हें अगस्त 2024 में दो साल के कार्यकाल के लिए कैबिनेट सचिव नियुक्त किया गया था।
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कैबिनेट सचिव बनने से पहले सोमनाथन भारत सरकार में वित्त सचिव (व्यय विभाग) के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में अतिरिक्त सचिव और संयुक्त सचिव के रूप में भी जिम्मेदारियां संभाली हैं।
उन्होंने वाशिंगटन स्थित विश्व बैंक समूह में निदेशक के रूप में भी काम किया है। इसके अलावा तमिलनाडु सरकार और केंद्र सरकार में उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। इनमें चेन्नई मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक, मुख्यमंत्री के सचिव, विशेष पहल विभाग और योजना एवं विकास विभाग के प्रधान सचिव जैसे पद शामिल हैं।
वहीं, मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन का कार्यकाल भी 22 अगस्त 2027 तक बढ़ाने को मंजूरी दी है। उनका कार्यकाल 22 अगस्त 2026 को समाप्त होना था।
गोविंद मोहन के बारे में
गोविंद मोहन 1989 बैच के सिक्किम कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। उन्हें अगस्त 2024 में केंद्रीय गृह सचिव नियुक्त किया गया था।
गृह मंत्रालय में आने से पहले वह वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा वह सिक्किम के प्रधान आवासीय आयुक्त भी रहे हैं।
उन्होंने अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास, वाशिंगटन डीसी में आर्थिक मंत्री के रूप में भी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों, ऊर्जा साझेदारी और व्यापारिक संवाद से जुड़े मामलों को संभाला।
गौरतलब है कि नियमों के तहत कुछ महत्वपूर्ण पदों जैसे रक्षा सचिव, विदेश सचिव, गृह सचिव, खुफिया ब्यूरो (आईबी) निदेशक और रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) सचिव के कार्यकाल को सेवानिवृत्ति आयु के बाद भी बढ़ाया जा सकता है।
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