मुंबई की एक महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने वाराणसी के प्रसिद्ध अस्सी घाट पर छीने गए अपने मोबाइल फोन को खुद ही ट्रेस कर पुलिस तक जानकारी पहुंचाई, जिसके बाद न केवल मोबाइल बरामद हुआ बल्कि पुलिस की लापरवाही भी सामने आई। इस मामले में अस्सी पुलिस चौकी के प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
पुलिस के अनुसार, यह घटना पिछले सप्ताह की है जब मुंबई के घाटकोपर इलाके में रहने वाली अंकिता गुप्ता अपने परिवार के साथ वाराणसी घूमने आई थीं। अस्सी घाट पर भारी भीड़ का फायदा उठाकर किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया। घटना के बाद अंकिता ने स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की।
भेलूपुर थाना प्रभारी (SHO) सुधीर कुमार त्रिपाठी ने बुधवार को बताया कि अंकिता गुप्ता ने अपने दोस्तों की मदद से तकनीकी साधनों का उपयोग करते हुए अपने मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की। लोकेशन के आधार पर वह मंडुआडीह इलाके में एक घर तक पहुंचीं और इसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दी।
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सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और छापेमारी कर अंकिता का मोबाइल फोन बरामद कर लिया। इस दौरान उसी स्थान से 12 अन्य चोरी किए गए मोबाइल फोन भी बरामद किए गए। पुलिस का कहना है कि यह एक बड़े मोबाइल चोरी गिरोह की ओर इशारा करता है।
इस पूरे मामले की जांच उप पुलिस आयुक्त (DCP) गौरव कुमार ने की। जांच में यह पाया गया कि अस्सी पुलिस चौकी के प्रभारी ने मामले में लापरवाही बरती थी। शिकायत के बावजूद समय पर उचित कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद 4 जनवरी को चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया।
इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए हैं, वहीं अंकिता गुप्ता की सूझबूझ और तकनीकी समझ की भी सराहना की जा रही है, जिनकी वजह से न केवल उनका मोबाइल मिला बल्कि अन्य पीड़ितों को भी राहत मिल सकी।
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