कांग्रेस ने मंगलवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस लोकसभा के महासचिव को सौंप दिया। यह नोटिस विपक्षी नेताओं के. सुरेश और मोहम्मद जावेद द्वारा जमा किया गया। सूत्रों के मुताबिक इस प्रस्ताव पर 118 सांसदों के हस्ताक्षर हैं। हालांकि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) इस कदम से दूर रही और उसने इस प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया।
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने बताया कि दोपहर 1:14 बजे नियम 94C के तहत स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस जमा किया गया। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब संसद में सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध जारी है।
टीएमसी ने इस प्रस्ताव का समर्थन करने से इनकार करते हुए अलग रुख अपनाया। टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी ने कांग्रेस को पहले स्पीकर को अपील देने का सुझाव दिया था और जवाब के लिए तीन दिन का समय देने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि यदि स्पीकर विपक्ष की मांगें नहीं मानते, तो टीएमसी अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने को तैयार है।
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सूत्रों के अनुसार विपक्ष की चार मांगों पर सरकार सहमत नहीं हुई, जिसके चलते यह टकराव और बढ़ गया। विपक्ष का आरोप है कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने की अनुमति नहीं दी गई।
राहुल गांधी ने भारत-चीन गतिरोध पर चर्चा के दौरान पूर्व सेना प्रमुख एम.एम. नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण का हवाला दिया था, जिस पर स्पीकर ने आपत्ति जताते हुए उन्हें ऐसा न करने का निर्देश दिया। इसके बाद से सदन में लगातार हंगामा जारी है।
2 फरवरी से लोकसभा में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और पिछले सप्ताह हंगामे के बीच आठ विपक्षी सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित भी कर दिया गया।
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