भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रविवार को तीन देशों की आधिकारिक यूरोपीय यात्रा पर रवाना हो गईं। इस दौरे के दौरान वह मोल्दोवा, उत्तर मैसेडोनिया और रोमानिया का दौरा करेंगी। राष्ट्रपति की इस यात्रा का उद्देश्य इन देशों के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करना तथा व्यापार, तकनीक और लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा देना है।
राष्ट्रपति भवन के अनुसार, राष्ट्रपति मुर्मू की यह यात्रा तीनों देशों के साथ भारत के सहयोग को नई दिशा देने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यात्रा के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने, आर्थिक साझेदारी मजबूत करने और आपसी संबंधों को विस्तार देने पर चर्चा होने की संभावना है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे का पहला चरण मोल्दोवा से शुरू होगा। वह सोमवार, 20 जुलाई 2026 को मोल्दोवा पहुंचेंगी। यह किसी भारतीय राष्ट्रपति की इस पूर्वी यूरोपीय देश की पहली आधिकारिक यात्रा होगी। इस ऐतिहासिक दौरे को दोनों देशों के संबंधों के लिए महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।
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मोल्दोवा के बाद राष्ट्रपति मुर्मू उत्तर मैसेडोनिया और फिर रोमानिया जाएंगी। इन देशों के साथ भारत के संबंधों में व्यापार, निवेश, शिक्षा, डिजिटल तकनीक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं हैं।
विदेश नीति विशेषज्ञों के अनुसार, भारत यूरोप के साथ अपने संबंधों को लगातार मजबूत कर रहा है और छोटे एवं मध्यम यूरोपीय देशों के साथ भी रणनीतिक साझेदारी विकसित करने पर ध्यान दे रहा है। राष्ट्रपति की यह यात्रा इसी व्यापक कूटनीतिक प्रयास का हिस्सा मानी जा रही है।
इस दौरे के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू संबंधित देशों के शीर्ष नेताओं से मुलाकात करेंगी और द्विपक्षीय सहयोग के मुद्दों पर चर्चा करेंगी। उम्मीद है कि इन बैठकों से भारत और तीनों यूरोपीय देशों के बीच नए समझौतों और सहयोग के अवसरों का मार्ग प्रशस्त होगा।
राष्ट्रपति की विदेश यात्राएं भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने और वैश्विक मंच पर देश की भागीदारी बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही हैं। इस तीन देशों की यात्रा से भारत और यूरोप के बीच आपसी विश्वास और साझेदारी को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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