अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत पर लगाए गए टैरिफ को लेकर दिए गए हालिया बयानों के बाद देश की राजनीति में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। इसी क्रम में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार (7 जनवरी, 2026) को केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए एक पुराना वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने वर्ष 1971 के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा अमेरिका के दबाव का सामना करने का उल्लेख किया था।
मंगलवार (6 जनवरी, 2026) को ट्रंप ने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी उनसे “ज्यादा खुश नहीं हैं”, क्योंकि वॉशिंगटन ने रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर टैरिफ लगाए हैं। हाउस GOP मेंबर्स रिट्रीट के दौरान ट्रंप ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी उनसे मिलने आए थे और कहा था, “सर, क्या मैं आपसे मिल सकता हूं?” ट्रंप ने यह भी कहा कि उनके और मोदी के बीच अच्छे संबंध हैं, लेकिन टैरिफ के कारण असंतोष बना हुआ है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “फर्क समझिए, सर जी!” इसके साथ उन्होंने अपना पुराना वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के एक फोन कॉल के बाद “समर्पण” कर दिया था। राहुल गांधी ने यह भी कहा था कि 1971 के युद्ध के समय अमेरिका द्वारा अपना सातवां बेड़ा भेजे जाने के बावजूद इंदिरा गांधी अपने फैसले से पीछे नहीं हटी थीं। उन्होंने कहा, “यही अंतर है।”
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कांग्रेस के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने भी ट्रंप के बयान का वीडियो साझा करते हुए प्रधानमंत्री पर तंज कसा। उन्होंने लिखा, “नमस्ते ट्रंप से लेकर हाउडी मोदी, फिर डोनाल्ड भाई और अब यह—आगे क्या?”
गौरतलब है कि ट्रंप ने भारत पर कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए हैं, जिनमें रूस से तेल खरीदने पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क शामिल है। ट्रंप ने यह भी कहा कि भारत ने 68 अपाचे हेलीकॉप्टरों का ऑर्डर दिया है और वह इस प्रक्रिया को बदल रहे हैं। कांग्रेस ने पहले भी ट्रंप के बयानों को लेकर सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाए हैं।
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