उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को कहा कि अंकिता भंडारी मामले में अब तक किसी को भी जांच से बचाया नहीं गया है और भविष्य में भी यदि किसी के खिलाफ सबूत मिलते हैं तो उसे नहीं बख्शा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वह स्वयं अंकिता के माता-पिता से मिलेंगे और उनकी बेटी को न्याय दिलाने के लिए उनकी मांगों के अनुसार आगे की कार्रवाई करेंगे।
देहरादून में The Indian Witness से बातचीत करते हुए, नए आरोप सामने आने के बाद पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य में उनके कामकाज को बाधित करने के लिए एक साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा, “जब पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हुए थे, तब भी एक ऑडियो के जरिए माहौल बनाया गया था। इस बार भी एक अन्य ऑडियो क्लिप सामने आई है, जिसके बाद हालात बने हैं। क्या यह आपको साजिश जैसा नहीं लगता?”
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि बार-बार ऐसे मुद्दों का राजनीतिकरण किया जा रहा है और एक तय पैटर्न के तहत माहौल बनाया जाता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार किसी भी दबाव में नहीं आएगी और कानून अपना काम करेगा। “अब तक किसी को छोड़ा नहीं गया है और आगे भी यदि किसी के खिलाफ पुख्ता सबूत मिलते हैं तो उसे किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा”।
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सीएम धामी ने यह भी भरोसा दिलाया कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा, “मैं व्यक्तिगत रूप से अंकिता के माता-पिता से मिलूंगा और उनसे चर्चा करूंगा कि आगे क्या किया जाना चाहिए। उनकी बेटी को न्याय दिलाने के लिए जो भी मांगें होंगी, उन्हें पूरा करने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।”
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर चल रहे प्रदर्शनों और आरोप-प्रत्यारोप के बीच सीएम का यह बयान सरकार की सख्त और स्पष्ट स्थिति को दर्शाता है कि मामले में निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों को सजा दिलाई जाएगी।
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