उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी मामले में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए हरियाणा से एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार, आरोपी लंबे समय से साइबर अपराध से जुड़े एक मामले में तलाशा जा रहा था।
उत्तराखंड एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि एसटीएफ की साइबर टीम ने इस मामले में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी डिजिटल अरेस्ट साइबर फ्रॉड मामले की जांच में एक अहम कड़ी साबित होगी।
डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी में अपराधी खुद को पुलिस अधिकारी, जांच एजेंसी या सरकारी विभाग का कर्मचारी बताकर लोगों को डराते हैं। वे पीड़ितों पर किसी अपराध में शामिल होने का आरोप लगाकर उन्हें ऑनलाइन निगरानी या गिरफ्तारी का डर दिखाते हैं और फिर पैसे ऐंठ लेते हैं।
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एसटीएफ की साइबर टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि ठगी के नेटवर्क, इसमें शामिल अन्य लोगों और आर्थिक लेनदेन से जुड़े मामलों का पता लगाया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान कई नए तथ्य सामने आने की उम्मीद है।
पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए विशेष टीमें लगातार ऐसे गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली ठगी में देशभर में कई लोग आर्थिक नुकसान उठा चुके हैं।
एसटीएफ ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, वीडियो कॉल या ऑनलाइन संदेश पर भरोसा न करें, जिसमें डराकर पैसे मांगने की कोशिश की जाए। पुलिस या कोई सरकारी एजेंसी कभी भी फोन पर गिरफ्तारी का डर दिखाकर पैसे जमा करने के लिए नहीं कहती।
उत्तराखंड एसटीएफ अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है और संभावित अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी है।
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