एशियन गेम्स 2026 में भारत के एथलेटिक्स अभियान में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई। पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल में भारत के यशवीर सिंह ने रजत पदक जीता, जबकि उनके हमवतन रोहित यादव ने कांस्य पदक अपने नाम किया। श्रीलंका के पथिरागे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया।
यशवीर सिंह प्रतियोगिता के शुरुआती हिस्से में लगातार बढ़त बनाए हुए थे और लंबे समय तक पदक तालिका में पहले स्थान पर रहे। तीसरे प्रयास तक रोहित यादव 84.35 मीटर के थ्रो के साथ शीर्ष पर पहुंच गए थे, जबकि यशवीर सिंह 83.56 मीटर के प्रयास के साथ दूसरे स्थान पर थे। श्रीलंका के पथिरागे 83.34 मीटर के थ्रो के साथ तीसरे स्थान पर थे।
इसके बाद पथिरागे ने अपने चौथे प्रयास में मुकाबले का रुख बदल दिया। उन्होंने 88.33 मीटर का शानदार थ्रो किया और फिर अंतिम प्रयास में 88.55 मीटर भाला फेंककर स्वर्ण पदक पक्का कर लिया। पाकिस्तान के अरशद नदीम 80.29 मीटर के प्रयास के साथ चौथे स्थान पर रहे।
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इससे पहले दिन में भारत की विथ्या रामराज ने भी इतिहास रचा। उन्होंने महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में 54.75 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक जीता। इसके साथ ही उन्होंने पी. टी. उषा का 42 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया।
पी. टी. उषा ने 1984 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में 55.42 सेकंड का समय दर्ज किया था। यह रिकॉर्ड दशकों तक कायम रहा। रिकॉर्ड तोड़ने के बाद विथ्या रामराज ने कहा कि वह इस उपलब्धि से बेहद खुश हैं। उन्होंने अपने कोच की मौजूदगी और ईश्वर के आशीर्वाद को भी अपनी सफलता से जोड़ा।
विथ्या ने बताया कि पिछले एशियन गेम्स में यह उनका पहला आयोजन था और उस समय उनके कोच उनके साथ नहीं थे। इस बार कोच की मौजूदगी ने उन्हें आत्मविश्वास दिया।
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