उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) के प्रमुख ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के पीडीए फॉर्मूले पर निशाना साधा है। राजभर ने सपा के राज्यसभा उम्मीदवार धनराज नथवानी को लेकर तंज कसते हुए पीडीए का नया मतलब बताया।
राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी समय-समय पर पीडीए का फॉर्मूला बदलती रहती है। उनके मुताबिक, इस बार पीडीए में ‘पी’ से परिवार, ‘डी’ से दौलतमंद और ‘ए’ से अपराधी बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि परिवार से प्रोफेसर रामगोपाल यादव और दौलतमंद से धनराज नथवानी आ गए हैं। अब तीसरे उम्मीदवार के तौर पर किसी अपराधी को तलाश लिया जाए तो पीडीए पूरा हो जाएगा।
राजभर ने सवाल उठाया कि अखिलेश यादव के पीडीए में समाज के वास्तविक वर्ग कहां हैं। उन्होंने पूछा कि इसमें ब्राह्मण, पिछड़े, दलित और मुस्लिम कहां हैं। राजभर ने सपा के मुस्लिम नेताओं पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी के सांसदों और विधायकों को नेतृत्व से पूछना चाहिए कि राज्यसभा में प्रतिनिधित्व के लिए उनकी हिस्सेदारी क्यों नहीं है।
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उन्होंने डिंपल यादव के वर्ष 2012 में मैनपुरी लोकसभा सीट से निर्विरोध चुने जाने का भी जिक्र किया। राजभर ने आरोप लगाया कि उस समय कुछ उम्मीदवारों पर दबाव बनाकर नामांकन वापस कराया गया था। हालांकि, ये आरोप राजभर के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं।
राजभर ने यह भी कहा कि अगर पीडीए में ‘पी’ का मतलब सामाजिक प्रतिनिधित्व है, तो कम से कम एक पंडित को राज्यसभा भेजा जा सकता था। उन्होंने दावा किया कि सपा का मौजूदा चयन उसके घोषित पीडीए सामाजिक समीकरण से अलग दिखाई देता है।
राजभर इससे पहले भी धनराज नथवानी को राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने पर अखिलेश यादव पर इसी तरह का राजनीतिक तंज कस चुके हैं। सपा की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया का उल्लेख इस बयान में नहीं किया गया है।
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