केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर के बीच गुरुवार को महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और अमेरिका के बीच सुरक्षा सहयोग को और मजबूत बनाने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
बैठक के बाद अमित शाह ने कहा कि बातचीत का मुख्य फोकस सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर रहा। विशेष रूप से आतंकवाद विरोधी अभियान (काउंटर टेररिज्म) और मादक पदार्थों की तस्करी रोकने (काउंटर नारकोटिक्स) के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।
वहीं अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी बैठक को सकारात्मक बताते हुए कहा कि दोनों देशों ने आतंकवाद से मुकाबला करने, लोगों को नशीले पदार्थों और अवैध ड्रग्स के खतरे से बचाने, सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अपराधियों को न्याय के कटघरे तक पहुंचाने के लिए आपसी सहयोग को और मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया।
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सर्जियो गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच सुरक्षा संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और दोनों देश साझा चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर काम करने के प्रति प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय अपराध, ड्रग्स तस्करी और आतंकवाद जैसी समस्याओं से निपटने के लिए वैश्विक साझेदारी बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और अमेरिका के बीच बढ़ता रणनीतिक सहयोग केवल रक्षा और व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि आंतरिक सुरक्षा, खुफिया जानकारी साझा करने और सीमा पार अपराधों पर नियंत्रण के क्षेत्रों में भी तेजी से विस्तार हो रहा है।
हाल के वर्षों में दोनों देशों ने आतंकवाद विरोधी अभियानों, साइबर सुरक्षा, वित्तीय अपराधों की रोकथाम और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कई संयुक्त पहल की हैं। ऐसे में अमित शाह और सर्जियो गोर की यह मुलाकात द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
विश्लेषकों के अनुसार, बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में भारत और अमेरिका के बीच सहयोग दोनों देशों की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
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