कोलंबिया में सोमवार को आए 7.4 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। भूकंप में कम से कम 132 लोगों की मौत हो गई, जबकि सैकड़ों लोग घायल बताए जा रहे हैं। कई शहरों में दर्जनों इमारतें ढह गईं और बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण और कोलंबिया की संबंधित एजेंसी के अनुसार, भूकंप करीब 107 किलोमीटर की गहराई में आया था।
भूकंप का केंद्र चोको क्षेत्र के सैन जोस डेल पालमार में था। यह इलाका राजधानी बोगोटा से करीब 400 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है और यहां लगभग 4,800 लोग रहते हैं। तेज झटकों का असर पड़ोसी देश इक्वाडोर तक महसूस किया गया। भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग घरों और इमारतों से बाहर निकल आए।
कोलंबिया के राष्ट्रपति अबेलार्दो दे ला एस्प्रियेला ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित करते हुए कहा कि सरकार पीड़ितों की मदद और प्रभावित इलाकों के पुनर्निर्माण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेगी। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति एकजुटता जताई।
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सबसे ज्यादा प्रभावित चोको क्षेत्र में सरकार ने 1,400 से अधिक प्रभावित परिवारों और लोगों के लिए आर्थिक सहायता तथा मानवीय मदद उपलब्ध कराने की घोषणा की है। गंभीर रूप से घायल और प्राथमिक चिकित्सा की जरूरत वाले लोगों को मेडेलिन भेजा जा रहा है। जिन परिवारों के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें अस्थायी किराये की सहायता भी दी जाएगी।
क्विब्दो और आसपास के इलाकों में भी भारी नुकसान की खबर है। राहत और बचाव दल मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं।
इस आपदा ने एक बार फिर दक्षिण अमेरिकी क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधियों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, कोलंबिया के इस भूकंप और पिछले जून में वेनेजुएला में आए शक्तिशाली भूकंपों के बीच किसी सीधे संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
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