पुणे की सत्र अदालत में सोमवार को मई 2025 की वैश्नवी हगावने दहेज मृत्यु मामले में छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई। आरोपियों में निर्वासित एनसीपी नेता राजेंद्र हगावने के परिवार के पांच सदस्य शामिल हैं। सोमवार को अदालत में मामले का पहला गवाह पेश किया गया।
वैश्नवी (23) को पिछले साल 16 मई को पुणे के भुकुम क्षेत्र में अपने ससुराल में लटका हुआ पाया गया था। इस घटना के बाद उनके पिता अनिल सहेब्राव कासपाटे (51) ने बावधन पुलिस थाना, जो पिंपरी-चिंचवड पुलिस क्षेत्राधिकार में आता है, में शिकायत दर्ज कराई थी।
पुलिस ने मामले में दहेज हत्या, आत्महत्या के लिए उकसाने, शारीरिक उत्पीड़न और आपराधिक धमकी सहित कई धाराओं के तहत आरोप लगाया। अदालत ने सोमवार को मामले का पहला गवाह पेश कर मामले की सुनवाई शुरू की।
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मामले में आरोपी और उनके परिवार के खिलाफ सबूत और गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे। अदालत के फैसले का उद्देश्य पीड़िता के परिवार को न्याय सुनिश्चित करना है।
यह मामला महाराष्ट्र में दहेज प्रथा के खिलाफ कानून और सामाजिक न्याय के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अदालत प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी होगी, ताकि पीड़िता के परिवार को उचित न्याय मिल सके।
सुनवाई के दौरान सभी आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य जुटाए जाएंगे और न्यायालय उचित कार्रवाई करेगा।
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