ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने शनिवार (20 जून 2026) को एक बार फिर होर्मुज जलडमरूमध्य को जहाजों की आवाजाही के लिए बंद करने की घोषणा की है। ईरान ने इस कदम के पीछे दक्षिणी लेबनान में इजरायली हमलों और अमेरिका पर शांति समझौते की शर्तों का पालन न करने का आरोप लगाया है। सरकारी टेलीविजन पर जारी बयान में चेतावनी दी गई कि यदि आक्रामक कार्रवाई जारी रही तो आगे और कड़े कदम उठाए जाएंगे।
इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिका और ईरान के बीच अंतरिम शांति समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद जहाजों की आवाजाही फिर शुरू हुई थी। हालांकि ईरान का कहना है कि समझौते की पहली शर्त लागू नहीं की गई और क्षेत्र में संघर्ष जारी है।
ईरान के अनुसार, खातम अल-अंबिया केंद्रीय मुख्यालय ने कहा कि अमेरिका ने युद्ध समाप्ति समझौते की पहली शर्त को लागू करने में विफल रहकर अपने वादों का उल्लंघन किया है। साथ ही, इजरायल पर दक्षिणी लेबनान में युद्धविराम का लगातार उल्लंघन करने का आरोप लगाया।
और पढ़ें: होर्मुज जलडमरूमध्य फिर खुला, ईरान ने शिपिंग पर बढ़ाई निगरानी; इज़रायल-हिज़्बुल्लाह संघर्ष से शांति वार्ता पर संकट
इस बीच, दक्षिणी लेबनान में इजरायली हवाई हमलों में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं। दूसरी ओर, इजरायली रक्षा बल (आईडीएफ) ने दावा किया कि हिजबुल्लाह ने उनकी सैन्य चौकियों पर 50 से अधिक हमले किए थे, जिसके जवाब में इजरायल ने कई ठिकानों को निशाना बनाया।
इजरायली वायु सेना का कहना है कि उसने रॉकेट लॉन्चिंग साइटों, हथियार भंडारण केंद्रों और कमांड ठिकानों पर सटीक हमले किए हैं। वहीं ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि समझौते की शर्तों का और उल्लंघन हुआ तो वह अतिरिक्त जवाबी कदम उठाएगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग है। इसके बंद होने से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और समुद्री व्यापार पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
और पढ़ें: पश्चिम एशिया युद्ध : अमेरिका-ईरान शांति समझौता 24 घंटे में संभव, पाक पीएम का दावा