संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि वेनेज़ुएला की प्रतिरोध नेता मारिया कोरिना मचाडो उनसे मिलने पर अपना नोबेल शांति पुरस्कार उन्हें दे सकती हैं, जिसे उन्होंने वर्ष 2025 का नोबेल पीस प्राइज जीता था। ट्रंप ने यह टिप्पणी उस साक्षात्कार में की, जिसमें उन्होंने कहा कि अगर मचाडो उन्हें यह पुरस्कार दें, तो यह उनके लिए “एक बड़ा सम्मान” होगा।
ट्रंप ने कहा कि वे अगले सप्ताह वॉशिंगटन में मचाडो से मिलने वाले हैं और उन्होंने मचाडो की इच्छा का भी समर्थन किया कि वे उन्हें पारितोषिक देने की सोच रही हैं। उन्होंने बातचीत में कहा, “मुझे लगता है वह ऐसा करना चाहती हैं। यह एक महान सम्मान होगा।”
हालांकि नोबेल पुरस्कार संस्थान पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि शांति पुरस्कार को औपचारिक रूप से एक व्यक्ति से दूसरे को स्थानांतरित नहीं किया जा सकता है। नोबेल संस्थान के प्रवक्ता ने कहा कि “नोबेल पुरस्कार को न तो निरस्त किया जा सकता है और न ही किसी अन्य व्यक्ति को स्थानांतरित किया जा सकता है। एक बार निर्णायक घोषणा हो जाने के बाद वह अंतिम रहती है।”
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मारिया कोरिना मचाडो को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार लोकतांत्रिक अधिकारों और शांति के लिए उनके संघर्ष के लिए दिया गया था। पिछले साल अक्टूबर में उन्होंने नोबेल शांति पुरस्कार जर्मनी के ओस्लो में प्राप्त किया था, जहां उनकी बेटी ने पुरस्कार ग्रहण किया।
ट्रंप ने पहले इस पुरस्कार को पाने के अपने प्रयासों का ज़िक्र सार्वजनिक रूप से किया था और कहा था कि उन्होंने कई संघर्षों को सुलझाया है, इसलिए उन्हें यह सम्मान मिलना चाहिए। लेकिन नोबेल समिति ने अपना निर्णय अलग रखा और मचाडो को विजेता घोषित किया। ट्रंप ने पुरस्कार न मिलने को “नॉर्वे के लिए बड़ी शर्म” बताया था।
ट्रंप और मचाडो की मुलाक़ात को एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है, खासकर तब जब वेनेज़ुएला की राजनीतिक अस्थिरता और अमेरिका की भूमिका वैश्विक चर्चा का विषय बनी हुई है।
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