वेनेजुएला की राजनीति में एक बड़े घटनाक्रम के तहत डेल्सी रोड्रिगेज को देश की अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त किया गया है। शनिवार देर रात (3 जनवरी 2026) वेनेजुएला की सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश उस समय जारी किया, जब अमेरिकी कार्रवाई के बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लेकर देश से बाहर ले जाया गया।
सुप्रीम कोर्ट के संवैधानिक पीठ ने अपने फैसले में कहा कि डेल्सी रोड्रिगेज “कार्यवाहक क्षमता में राष्ट्रपति पद से जुड़े सभी अधिकारों, कर्तव्यों और शक्तियों का निर्वहन करेंगी, ताकि प्रशासनिक निरंतरता और राष्ट्र की समग्र रक्षा सुनिश्चित की जा सके।” हालांकि अदालत ने मादुरो को स्थायी रूप से पद से अनुपस्थित घोषित नहीं किया। ऐसा कोई भी फैसला होने की स्थिति में 30 दिनों के भीतर नए चुनाव कराना अनिवार्य होता।
डेल्सी रोड्रिगेज वेनेजुएला की राजनीति की एक जानी-पहचानी और प्रभावशाली शख्सियत हैं। वह लंबे समय से राष्ट्रपति मादुरो की करीबी सहयोगी रही हैं और सरकार के कई अहम पदों पर कार्य कर चुकी हैं। अंतरिम राष्ट्रपति बनने से पहले वह देश की उपराष्ट्रपति थीं और इससे पहले विदेश मंत्री के रूप में भी सेवाएं दे चुकी हैं।
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राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, रोड्रिगेज को मादुरो सरकार की नीतियों का मजबूत समर्थक माना जाता है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उन्होंने वेनेजुएला का पक्ष मुखरता से रखा है और अमेरिका व पश्चिमी देशों की नीतियों की खुलकर आलोचना की है।
सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब वेनेजुएला गंभीर राजनीतिक संकट और अंतरराष्ट्रीय दबाव का सामना कर रहा है। मादुरो की गिरफ्तारी के बाद सत्ता का सवाल खड़ा हो गया था, जिसे देखते हुए अदालत ने प्रशासनिक शून्यता से बचने के लिए यह अंतरिम व्यवस्था लागू की।
अब डेल्सी रोड्रिगेज के सामने सबसे बड़ी चुनौती देश में शासन की स्थिरता बनाए रखना, सुरक्षा हालात को संभालना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वेनेजुएला की संप्रभुता का बचाव करना होगा। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि यह अंतरिम व्यवस्था देश को किस दिशा में ले जाती है।
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