आम आदमी पार्टी (AAP) की नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी से जुड़े वीडियो विवाद को लेकर पंजाब की राजनीति में नया तनाव पैदा हो गया है। पंजाब कांग्रेस ने दावा किया है कि उसके विधायकों सुखपाल खैरा और परगट सिंह के खिलाफ जालंधर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। यह एफआईआर कथित रूप से आतिशी का “एडिटेड और छेड़छाड़ किया हुआ” वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड और प्रसारित करने के आरोप में दर्ज की गई है।
जालंधर पुलिस कमिश्नरेट की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि इकबाल सिंह नामक व्यक्ति की शिकायत पर कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। बयान के अनुसार, सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो क्लिप साझा किए गए जिनमें आतिशी पर नौवें सिख गुरु, गुरु तेग बहादुर के खिलाफ आपत्तिजनक और निंदनीय टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया।
पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने इस एफआईआर को राज्य सत्ता के दुरुपयोग का खुला उदाहरण बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब पुलिस का इस्तेमाल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के बजाय विपक्षी विधायकों को डराने और परेशान करने के लिए किया जा रहा है।
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दिल्ली भाजपा नेताओं, जिनमें कानून मंत्री कपिल मिश्रा भी शामिल हैं, ने इस वीडियो के आधार पर आरोप लगाया था कि आतिशी ने दिल्ली विधानसभा में गुरु तेग बहादुर का अपमान किया। हालांकि, आतिशी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वीडियो में जानबूझकर गलत सबटाइटल जोड़कर गुरु का नाम डाला गया है।
आतिशी ने कहा कि वह प्रदूषण और आवारा कुत्तों के मुद्दे पर चर्चा कर रही थीं और भाजपा इस गंभीर विषय से ध्यान हटाने के लिए धार्मिक भावनाओं को भड़का रही है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके परिवार में पीढ़ियों से सिख परंपराओं का सम्मान होता आया है और वह गुरु साहिब का अपमान करने की कल्पना भी नहीं कर सकतीं।
दिल्ली विधानसभा ने भी इस मामले का संज्ञान लेते हुए जालंधर पुलिस कमिश्नर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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