दिल्ली पुलिस ने शनिवार (7 फरवरी 2026) को सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश कुमार प्रजापति को गिरफ्तार किया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने जनकपुरी में दिल्ली जल बोर्ड (DJB) द्वारा खोदे गए 15–20 फीट गहरे खुले गड्ढे में गिरकर घायल हुए बाइक सवार के बारे में पुलिस को सूचना नहीं दी। 47 वर्षीय आरोपी के खिलाफ जनकपुरी थाने में एफआईआर नंबर 35/2026 के तहत बीएनएस की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) में मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
यह हादसा गुरुवार रात करीब 11 बजे हुआ, जब कैलाशपुरी निवासी कमल ध्यानी अपने रोहिणी स्थित कार्यस्थल से घर लौट रहे थे। जनकपुरी में बिना सुरक्षा के छोड़े गए गड्ढे में उनकी बाइक गिर गई। एक गुजरते परिवार ने उन्हें गिरते देखा और पास के सुरक्षा गार्ड तथा गड्ढे के पास तंबू में मौजूद व्यक्ति को बताया, जो राजेश के कर्मचारी थे। तंबू में मौजूद व्यक्ति ने घटना की जानकारी राजेश को दी।
जांच में सामने आया कि राजेश रात में मौके पर पहुंचे, उन्होंने गड्ढे में बाइक और व्यक्ति को देखा, लेकिन पुलिस को सूचना दिए बिना घर लौट गए। अगले दिन सुबह एक राहगीर ने कमल का शव और बाइक गड्ढे में देखी।
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पुलिस ने राजेश को इस मामले में मुख्य आरोपी माना है। एफआईआर में दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों और मुख्य ठेकेदार को भी जिम्मेदार ठहराया गया है। जांच जारी है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना है।
मृतक के जुड़वां भाई करण ध्यानी ने बताया कि परिवार पूरी रात उन्हें ढूंढता रहा और डाबरी, विकासपुरी व सागरपुर थानों के चक्कर लगाए, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। परिवार की वकील आस्था चतुर्वेदी ने DJB पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि गड्ढे के पास कोई चेतावनी बोर्ड, बैरिकेड, रिफ्लेक्टर या रोशनी नहीं थी।
स्थानीय लोगों ने भी निर्माण कार्य की लापरवाही पर नाराजगी जताई और कहा कि हादसे के बाद ही बैरिकेड और सफाई का काम शुरू हुआ। पुलिस ने इस मामले में सभी जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।
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