महाराष्ट्र के आगामी निकाय चुनावों को लेकर सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री और शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा है कि अब मतदाता तथाकथित “ब्रांड” राजनीति से प्रभावित नहीं होते, बल्कि वे उन्हीं नेताओं का समर्थन करते हैं जो विकास को प्राथमिकता देते हैं।
शुक्रवार को ठाणे जिले में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए शिंदे ने कहा कि राज्य में महायुति सरकार ने गतिशील तरीके से काम किया है और यह कोई “स्थगन सरकार” नहीं रही। उन्होंने कहा कि मतदाताओं ने राजनीतिक ब्रांडिंग की सच्चाई समझ ली है और आगामी कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (केडीएमसी) चुनावों में प्रदर्शन और विकास के आधार पर ही मतदान करेंगे।
शिंदे ने दावा किया कि केडीएमसी चुनाव से पहले ही 21 उम्मीदवार निर्विरोध चुने जा चुके हैं, जो विपक्ष की कमजोरी और महायुति उम्मीदवारों को चुनौती देने में उनकी असमर्थता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ जगहों पर उम्मीदवारों को प्रभावित करने की कोशिशें की गईं, लेकिन जनता का जनादेश स्पष्ट रूप से विकास के पक्ष में है।
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कल्याण-डोंबिवली को महायुति का गढ़ बताते हुए शिंदे ने कहा कि यहां के मतदाताओं ने बार-बार गठबंधन पर भरोसा जताया है और सांसद श्रीकांत शिंदे को तीन बार चुना है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य में स्थिर सरकार होने से विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में कोई बाधा नहीं है और उन्हें पूरा भरोसा है कि केडीएमसी पर भगवा झंडा लहराएगा।
उल्हासनगर में एक अन्य रैली में शिंदे ने आश्वासन दिया कि शहर की सभी जर्जर इमारतों का क्लस्टर डेवलपमेंट के जरिए पुनर्विकास किया जाएगा। उन्होंने मराठी और सिंधी समुदायों की एकता को शहर की प्रगति की नींव बताया और कहा कि उनके कार्यकाल में उल्हासनगर में करीब 1,400 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं मंजूर की गईं।
‘लाडकी बहिन’ योजना पर बोलते हुए शिंदे ने स्पष्ट किया कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई यह योजना किसी भी हाल में बंद नहीं की जाएगी।
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