महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनावों से पहले मराठी वोटों की लड़ाई तेज होती जा रही है। इसी बीच शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे की एक टिप्पणी को लेकर सियासी घमासान छिड़ गया है। मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमीत साटम को “चाटम (चमचा/लठैत)” कहे जाने पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा ऐतराज जताया है और इसे कोंकण क्षेत्र के लोगों का अपमान करार दिया है।
रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उद्धव ठाकरे ने अमीत साटम पर तंज कसते हुए यह टिप्पणी की थी, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। बीजेपी ने इसे आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के मद्देनज़र एक बड़ा मुद्दा बना लिया है। पार्टी का कहना है कि अमीत साटम कोंकण क्षेत्र से आते हैं और उनके खिलाफ इस तरह की टिप्पणी दरअसल पूरे कोंकणवासियों का अपमान है।
महाराष्ट्र में 29 नगर निगमों, जिनमें देश की सबसे अमीर नगर निकाय मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) भी शामिल है, के चुनाव 15 जनवरी को होने हैं। ऐसे में क्षेत्रीय अस्मिता और मराठी पहचान को लेकर सियासत और तेज हो गई है। बीजेपी इस बयान को मुद्दा बनाकर कोंकण क्षेत्र के मतदाताओं को अपने पक्ष में लामबंद करने की कोशिश कर रही है। कोंकण को ठाकरे परिवार का परंपरागत और मजबूत वोट बैंक माना जाता है।
और पढ़ें: बीएमसी चुनाव: जेडी(एस) ने शिकायत वापस ली, पूर्व सांसद राठौड़ स्पीकर नरवेकर के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे
वहीं शिवसेना (यूबीटी) ने बीजेपी के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह विवाद बीजेपी की “हताशा” को दर्शाता है, जो मुंबई में अभी तक प्रभावी चुनावी अभियान शुरू करने में भी नाकाम रही है। शिवसेना (यूबीटी) का आरोप है कि बीजेपी असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रही है।
नगर निकाय चुनावों के करीब आते ही यह विवाद मराठी अस्मिता, क्षेत्रीय गौरव और राजनीतिक बयानबाज़ी का नया केंद्र बनता जा रहा है।
और पढ़ें: दो दशक बाद राज ठाकरे की घर वापसी का राजनीतिक महत्व