महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) को बड़ा झटका लगा है, जब उसके 6 सांसदों ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने का फैसला किया।
शामिल होने वाले सांसदों में संजय हरिभाऊ जाधव, भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे, ओमप्रकाश भूपालसिंह निम्बालकर, संजय दीना पाटिल, संजय उत्तमराव देशमुख और नागेश बापुराव पाटिल आष्टिकर शामिल हैं। इस घटनाक्रम के बाद उद्धव गुट की राजनीतिक स्थिति पर सवाल खड़े हो गए हैं।
इस बड़े बदलाव के एक दिन बाद शिंदे गुट के नेता श्रिकांत शिंदे ने विपक्ष को सख्त संदेश दिया। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में और भी राजनीतिक उलटफेर देखने को मिल सकते हैं।
और पढ़ें: बागी सांसदों पर आदित्य ठाकरे का हमला, बोले- खुद को बेच दिया, परिवार की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगा दी
श्रिकांत शिंदे ने कहा, “अभी तो यह सिर्फ ट्रेलर है, आगे लगातार धमाके होंगे। पिछले चार वर्षों से हम राजनीतिक झटके दे रहे हैं। यह तो सिर्फ शुरुआत है, असली कहानी अभी बाकी है।”
उन्होंने पत्रकारों से हल्के अंदाज में कहा कि एक दिन में उन्हें काफी ब्रेकिंग न्यूज मिल चुकी हैं और अब उन्हें थोड़ा आराम कर लेना चाहिए, क्योंकि आगे और भी घटनाक्रम सामने आ सकते हैं।
इस बीच, यह घटनाक्रम ‘ऑपरेशन टाइगर’ से जोड़ा जा रहा है, जिसे शिंदे गुट का एक राजनीतिक अभियान माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य और नेताओं को अपने पाले में लाना है। एकनाथ शिंदे ने भी कहा कि इस अभियान को सफलता मिली है और “अब यहां सिर्फ एक नहीं, बल्कि छह बाघ आ गए हैं।”
सूत्रों के अनुसार, इन सांसदों ने मुंबई में पहले ही शिंदे से मुलाकात की थी, जिसके बाद उन्होंने औपचारिक रूप से उनके गुट में शामिल होने का फैसला लिया।
वहीं, आदित्य ठाकरे ने इस कदम की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इन नेताओं ने मतदाताओं के जनादेश के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन सांसदों को महा विकास आघाड़ी (एमवीए) और इंडिया गठबंधन के समर्थन से जीत मिली थी।
इस राजनीतिक घटनाक्रम ने महाराष्ट्र की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है।
और पढ़ें: उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका! छह बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को लिखा पत्र, शिंदे सेना में विलय की तैयारी