शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने दावा किया है कि ठाकरे परिवार आज भी कुछ ही मिनटों में मुंबई को ठप करने की ताकत रखता है। The Indian Witness से विशेष बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि चुनावी झटकों के बावजूद ठाकरे परिवार की राजनीतिक पकड़ महाराष्ट्र की राजनीति में आज भी कायम है।
संजय राउत ने कहा, “ठाकरे कभी खत्म नहीं हो सकते। हम आज भी 10 मिनट में मुंबई बंद कर सकते हैं।” यह बयान ऐसे समय आया है जब 2026 में होने वाले मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव से पहले करीब 20 साल बाद ठाकरे चचेरे भाइयों—उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे—का राजनीतिक पुनर्मिलन हुआ है।
राउत ने कहा कि उद्धव और राज ठाकरे भाई हैं और उनकी माताएं सगी बहनें हैं। उन्होंने इसे पारिवारिक मामला बताते हुए कहा, “मैं दोनों पक्षों का मित्र हूं। अगर उनके मिलन में मेरी कोई भूमिका रही हो, तो मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं।”
और पढ़ें: दो दशक बाद राज ठाकरे की घर वापसी का राजनीतिक महत्व
दोनों नेताओं की वैचारिक भिन्नताओं पर बोलते हुए राउत ने कहा कि राजनीति में पहले भी ऐसे उदाहरण रहे हैं, जब शिवसेना ने कांग्रेस के साथ गठबंधन किया था, जबकि दोनों की विचारधाराएं अलग थीं। उन्होंने कहा कि ठाकरे भाइयों की सोच अलग हो सकती है, लेकिन देश और महाराष्ट्र के हित को प्राथमिकता देकर वे एक साथ आए हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस गठबंधन के लिए राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) को कुछ मुद्दों पर समझौता करना होगा। राउत ने कहा कि दुश्मनी की राजनीति देश को तोड़ती है।
संजय राउत ने कहा, “ठाकरे भाई एक ब्रांड हैं। अगर ठाकरे जिंदा हैं, तो मराठी मानूस जिंदा है।” उन्होंने भरोसा दिलाया कि आगामी बीएमसी चुनाव में मुंबई को ठाकरे गुटों से ही मेयर मिलेगा।
साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया कि ठाकरे गुट भविष्य में कभी एकनाथ शिंदे के साथ काम नहीं करेगा, जिन्होंने सत्ता संघर्ष के बाद उद्धव ठाकरे से शिवसेना पार्टी छीन ली थी।
और पढ़ें: महाराष्ट्र को मजबूत बनाने के लिए ट्रंप का भी समर्थन करूंगा: राज ठाकरे