शीतकालीन अवकाश के दौरान छात्रों को कैंपस के बाहर फंसे रहने के आरोपों पर उठे विवाद के बाद अशोका यूनिवर्सिटी ने अपने फैसले में बदलाव करते हुए छात्रों को तय तारीख से पहले कैंपस लौटने की अनुमति दे दी है। The Indian Witness के अनुसार, यूनिवर्सिटी ने सोमवार को इसकी आधिकारिक जानकारी साझा की।
पिछले कुछ दिनों में छात्रों ने आरोप लगाया था कि विंटर ब्रेक के दौरान उन्हें कैंपस में प्रवेश नहीं दिया गया, जिसके कारण कई छात्र देर रात तक ठंड और कोहरे में घंटों बाहर खड़े रहने को मजबूर हुए। इस मुद्दे ने सोशल मीडिया और शैक्षणिक हलकों में काफी नाराजगी पैदा की थी। छात्रों का कहना था कि इस तरह की व्यवस्था न केवल असंवेदनशील है, बल्कि उनकी सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा करती है।
विवाद बढ़ने के बाद डीन ऑफ स्टूडेंट अफेयर्स और अशोका यूनिवर्सिटी स्टूडेंट गवर्नमेंट के प्रतिनिधियों के बीच एक बैठक हुई। इसी बैठक के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने नीति में संशोधन करने का निर्णय लिया।
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सोमवार दोपहर रेजिडेंस लाइफ ऑफिस द्वारा भेजे गए एक ईमेल में विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया कि जो छात्र पहले से निर्धारित 17 और 18 जनवरी 2026 की तारीखों से पहले कैंपस लौटना चाहते हैं, वे अब 11 जनवरी 2026 या उसके बाद कभी भी वापस आ सकते हैं। ईमेल में यह भी कहा गया कि इस अवधि के दौरान लौटने के लिए छात्रों को रेजिडेंस लाइफ ऑफिस से किसी तरह की पूर्व अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी।
इस फैसले से छात्रों को बड़ी राहत मिली है, खासकर उन छात्रों को जो यात्रा, ठहरने और सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे थे। छात्र संगठनों ने उम्मीद जताई है कि भविष्य में ऐसे मामलों में विश्वविद्यालय प्रशासन समय रहते संवेदनशील और व्यावहारिक निर्णय लेगा।
विश्वविद्यालय के इस कदम को छात्रों के दबाव और संवाद का सकारात्मक परिणाम माना जा रहा है, जिससे कैंपस प्रशासन और छात्र समुदाय के बीच बेहतर समन्वय की उम्मीद की जा रही है।
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