दक्षिण कश्मीर प्रशासन ने सार्वजनिक सुरक्षा और सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए पिर पंजाल पर्वतमाला के लोकप्रिय ऊंचाई वाले वन क्षेत्रों में ट्रेकिंग और हाइकिंग गतिविधियों पर दो महीने के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। यह प्रतिबंध मार्गन टॉप, चूहर्नाग और सिंथन टॉप जैसे प्रसिद्ध पर्वतीय दर्रों पर लागू किया गया है, जो पर्यटकों और साहसिक खेल प्रेमियों के बीच काफी लोकप्रिय माने जाते हैं।
सूत्रों के अनुसार, हालांकि प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर प्रतिबंध को सुरक्षा कारणों से जोड़ा है, लेकिन इसके पीछे पिर पंजाल पर्वत श्रृंखला में चल रहा एक बड़ा आतंकवाद-रोधी अभियान प्रमुख वजह बताया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां इन दुर्गम इलाकों में सक्रिय रूप से तलाशी और निगरानी अभियान चला रही हैं, जिसके चलते आम नागरिकों और पर्यटकों की आवाजाही को जोखिमपूर्ण माना गया है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब कुछ ही दिन पहले उत्तर कश्मीर प्रशासन ने भी गुलमर्ग पर्यटन स्थल के पास तंगमार्ग के डनवास जंगलों में ट्रेकिंग पर इसी तरह का प्रतिबंध लगाया था। लगातार लगाए जा रहे इन प्रतिबंधों से यह संकेत मिलता है कि कश्मीर के ऊंचाई वाले और जंगलों से घिरे इलाकों में सुरक्षा एजेंसियां सतर्कता बढ़ा रही हैं।
और पढ़ें: 2026 के पहले जुमे पर मीरवाइज का संदेश: पहलगाम से रेड फोर्ट धमाके तक, कश्मीर की अनकही पीड़ा
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह कदम पूरी तरह एहतियाती है और इसका उद्देश्य किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है। अधिकारियों ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे आदेशों का पालन करें और प्रतिबंध की अवधि समाप्त होने तक इन क्षेत्रों में प्रवेश न करें।
स्थानीय पर्यटन से जुड़े लोगों का मानना है कि अस्थायी रूप से यह फैसला पर्यटन गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है, लेकिन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इसे आवश्यक कदम बताया जा रहा है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि स्थिति की समीक्षा के बाद प्रतिबंध की अवधि घटाई या बढ़ाई जा सकती है।
और पढ़ें: एनआईए की विशेष अदालत ने अमेरिका स्थित कश्मीरी लॉबिस्ट की संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया