ईरान में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों और बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण यात्रा परामर्श जारी किया है। सोमवार (5 जनवरी 2026) को विदेश मंत्रालय (एमईए) ने भारतीय नागरिकों से ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से अगले आदेश तक बचने का आग्रह किया। मंत्रालय ने यह भी सलाह दी कि ईरान में रह रहे भारतीय नागरिक अत्यधिक सतर्कता बरतें और उन इलाकों में जाने से बचें जहां विरोध प्रदर्शन या जनसभाएं हो रही हों।
एमईए ने अपने बयान में कहा, “हालिया घटनाक्रमों को देखते हुए भारतीय नागरिकों को इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की गैर-आवश्यक यात्रा से अगली सूचना तक परहेज करने की सलाह दी जाती है।” मंत्रालय ने ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों (PIOs) से स्थानीय हालात पर करीबी नजर रखने, समाचारों पर ध्यान देने और तेहरान स्थित भारतीय दूतावास की वेबसाइट व सोशल मीडिया हैंडल्स को नियमित रूप से देखने की अपील की है।
इसके अलावा, ईरान में रेजिडेंट वीजा पर रह रहे भारतीय नागरिकों को, यदि उन्होंने पहले से पंजीकरण नहीं कराया है, तो भारतीय दूतावास में पंजीकरण कराने की सलाह दी गई है, ताकि आपात स्थिति में सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
और पढ़ें: अमेरिका–वेनेजुएला तनाव : न्यूयॉर्क की संघीय अदालत में पेश हुए मादुरो, संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता
ईरान में विरोध प्रदर्शन करीब नौ दिन पहले राजधानी तेहरान से शुरू हुए थे, जो अब देश के 31 में से लगभग 25 प्रांतों में फैल चुके हैं। इन प्रदर्शनों में अब तक 10 से अधिक लोगों की मौत की खबर है। विरोध की मुख्य वजह महंगाई में तेज़ वृद्धि और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ईरानी मुद्रा रियाल का भारी अवमूल्यन बताया जा रहा है।
इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को प्रदर्शनकारियों पर सख्ती न करने की चेतावनी दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिका “तैयार है” और यदि और लोगों की जान जाती है तो ईरान को “कड़ी कार्रवाई” का सामना करना पड़ सकता है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष जून में अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हवाई हमले भी किए थे। इन सभी घटनाओं के चलते क्षेत्रीय हालात और अधिक संवेदनशील हो गए हैं।
और पढ़ें: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री मोदी से की मुलाकात, कल्याण सिंह को किया नमन